बिजली निजीकरण के खिलाफ उबाल: भीलवाड़ा में इंजीनियरों का प्रदर्शन, 6 मई को घेराव की चेतावनी

भीलवाड़ा समाचार 
भीलवाड़ा (महेन्द्र नागौरी)
जिले में बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। अजमेर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ (भामस) के नेतृत्व में जिलेभर के उपखंडों में सहायक अभियंताओं के माध्यम से ऊर्जा विभाग के शासन सचिव को ज्ञापन सौंपते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।
शहर, ग्रामीण, गंगापुर, रायपुर, कोशीथल, करेड़ा, आसींद, हुरड़ा, मांडल, फुलियाकलां, शाहपुरा, जहाजपुर, बिगोद, कोटड़ी, मांडलगढ़ और बिजोलिया सहित विभिन्न इकाइयों में पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने एकजुट होकर निजीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद की।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि 12 अगस्त 2025 को ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में निजीकरण पर रोक और कर्मचारियों की मांगों पर सहमति का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बावजूद अजमेर डिस्कॉम को निजीकरण की ओर धकेलने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं, जिससे हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है।
संघ ने आरोप लगाया कि पूर्व में 26 दिसंबर 2025 को भी श्रमिक आक्रोश रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन उसके बाद भी हालात जस के तस हैं।
चेतावनी देते हुए श्रमिक नेताओं ने कहा कि यदि निजीकरण पर रोक नहीं लगी और मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 6 मई 2026 को अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 20 मई को डिस्कॉम मुख्यालय स्तर पर आंदोलन तेज होगा और 10 जून को जयपुर स्थित विद्युत भवन पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
संघ के नेताओं ने साफ कहा कि यदि सरकार ने समय रहते निर्णय नहीं लिया तो औद्योगिक अशांति की पूरी जिम्मेदारी विद्युत प्रशासन की होगी।